यमुनानगर में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक पलटने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, एक महिला गंभीर घायल

यमुनानगर में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक पलटने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, एक महिला गंभीर घायल

4 Members of the Same Family Killed After Truck Overturns

4 Members of the Same Family Killed After Truck Overturns

यमुनानगर। 4 Members of the Same Family Killed After Truck Overturns, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा की सीमा पर जगाधरी-पांवटा नेशनल हाईवे पर लालढांग के पास शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सड़क हादसे में पिता व दो बेटियों समेत एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर घायल हो गई। हादसा उस समय हुआ जब परिवार दो बाइकों पर हिमाचल प्रदेश स्थित रेणुकाजी मंदिर में जा रहा था।

इसी दौरान कलेसर नेशनल पार्क के पास लालढांग क्षेत्र में पहाड़ी ढलान से उतर रहा मक्के से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया और दोनों बाइकें ट्रक के नीचे दब गईं। हादसे में थाना प्रतापनगर क्षेत्र के चुहड़पुर कलां गांव निवासी राजेंद्र धीमान (45), उनकी बेटियां सिमरन उर्फ सिम्मी (14) और मिनल उर्फ मिनी (12) के साथ राजेंद्र की बहन के देवर दौलपुर गांव निवासी फूल सिंह की मौत हो गई।

वहीं, राजेंद्र की पत्नी उषा (40) गंभीर घायल हो गईं। हादसे के समय राजेंद्र की दोनों बेटियां फूल सिंह (40) की बाइक पर पीछे बैठी थीं, जबकि दूसरी बाइक पर राजेंद्र और उनकी पत्नी उषा सवार थे। परिवार शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे चुहड़पुर कलां गांव से रेणुकाजी मंदिर के लिए निकला था। बताया जा रहा है कि परिवार बेटे की मन्नत के लिए मंदिर जा रहा था। राजेंद्र की तीन बेटियां थीं। सबसे छोटी बेटी घर पर दादी के पास रह गई थी।

टुकड़ों में बंट गए शव प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार पांचों लोग ट्रक व उसमें लदे मक्के से भरे बोरों के नीचे दब गए। मक्के के कई बोरे सड़क पर फैल गए। आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने मक्के के बोरे हटाकर शव बाहर निकाले।

राजेंद्र धीमान, उनकी दोनों बेटियों सिमरन व मिनल व फूल सिंह की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। शरीर कई टुकड़ों में बंट चुके थे। शरीर से अलग होकर हाथ व टांग दूर पड़े थे। शरीर के टुकड़े एकत्र कर एक जगह पन्नी में बांधा गया। राजेंद्र की पत्नी उषा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

राजेंद्र लकड़ी व बाइक रिपेयरिंग का काम करते थे। मिन्नी गांव के दुर्गा विद्या मंदिर स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा थी, जबकि सिमरन ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ती थी। हादसे के बाद क्रेन से ट्रक हटाकर यातायात सुचारू किया गया।